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4/25/26

राजपुरा (पंजाब) के निकट AI में मास्टर करवाने वाले कॉलेज ? affiliation ? फीस ?लाभ ? आदि समस्त जानकारी !

राजपुरा (पंजाब) के निकट AI में मास्टर करवाने वाले कॉलेज ? affiliation ? फीस ?लाभ ? आदि समस्त जानकारी !

राजपुरा (पंजाब) के निकट AI में मास्टर करवाने वाले कॉलेज ? affiliation ? फीस ?लाभ ? आदि समस्त जानकारी !


    राजपुरा (पंजाब) के आसपास Artificial Intelligence (AI) / Machine Learning में मास्टर (M.Tech / MSc / PG) करवाने वाले कॉलेज सीधे बहुत कम हैं, लेकिन B.Tech + AI specialization या M.Tech AI/CS के विकल्प आसपास (राजपुरा–चंडीगढ़–पटियाला बेल्ट) में उपलब्ध हैं। नीचे आपको कॉलेज, affiliation, fees, फायदे—पूरी जानकारी दी जा रही है 👇

वीडियो


🎓 राजपुरा के पास AI / ML पढ़ाने वाले प्रमुख कॉलेज

1. 🎯 Chitkara University (राजपुरा)

4.2Private universityOpen

👉 सबसे best option (nearby + AI specialization available)

📚 Courses

  • B.Tech CSE (AI & ML specialization)
  • M.Tech (CSE / AI related)
  • MBA + Data Analytics (AI related)

🏫 Affiliation / Approval

  • UGC Approved
  • AICTE Approved
  • Private University

💰 Fees (approx)

  • B.Tech: ₹1.5–2 लाख/वर्ष
  • M.Tech: ₹1–1.5 लाख/वर्ष

🌟 फायदे

  • Industry tie-ups (Microsoft, IBM labs आदि)
  • Campus placements strong (5–12 LPA avg packages)
  • Practical AI labs + projects

2. 🎯 Aryans Group of Colleges (राजपुरा)

4.0CollegeOpen

👉 Budget-friendly option

📚 Courses

  • B.Tech CSE (AI / Data Science subjects)
  • PG courses limited (mainly MBA/IT)

🏫 Affiliation

  • IKG Punjab Technical University (PTU)

💰 Fees

  • ₹60,000 – ₹1 लाख/वर्ष

🌟 फायदे

  • Low fees
  • Scholarship options
  • Nearby location

⚠️ कमी

  • Advanced AI research exposure कम

3. 🎯 Punjab Engineering College (चंडीगढ़ – ~30 km)

4.5CollegeClosed

👉 Govt + Top level option

📚 Courses

  • M.Tech (CSE / AI / Data Science)
  • B.Tech AI & ML

🏫 Affiliation

  • Deemed University (Govt)

💰 Fees

  • B.Tech: ~₹1.8 लाख/वर्ष
  • M.Tech: ₹70,000–₹1 लाख/वर्ष

🌟 फायदे

  • High placements (10–20 LPA possible)
  • Strong research + coding culture
  • Govt reputation

4. 🎯 Punjab Institute of Technology, Rajpura

4.1CollegeClosed

👉 Basic level option

📚 Courses

  • B.Tech / Diploma (CSE)
  • AI subjects as part of syllabus

🏫 Affiliation

  • PTU / State Board

💰 Fees

  • ₹40,000–80,000/year

🌟 फायदे

  • Affordable
  • Local students के लिए आसान

5. 🎯 Dr IT Group (Banur – near Rajpura)

3.9CollegeOpen

👉 Mid-level private institute

📚 Courses

  • B.Tech CSE (AI basics included)

💰 Fees

  • ₹70,000–1 लाख/year


https://lnkd.in/gehrkSP3

🧠 महत्वपूर्ण बात (Reality Check)

👉 भारत में pure “AI Master degree” अभी limited है
👉 ज्यादातर colleges ये देते हैं:

  • M.Tech (CSE + AI specialization)
  • B.Tech (AI/ML specialization)

👉 भारत में 1700+ AI colleges हैं, लेकिन specialization mostly CSE के अंदर होता है

💡 Alternative (Best Smart Strategy)

अगर आप सच में AI expert बनना चाहते हैं, तो:

✔ Option 1 (Best ROI)

  • B.Tech CSE (AI specialization)
    • Online AI course (IIT / SWAYAM)

👉 IIT Madras AI courses ₹100–500 में भी उपलब्ध हैं

✔ Option 2 (Advanced)

  • M.Tech CSE (AI) + Projects + Freelancing

💰 Career Scope (AI)

  • AI Engineer
  • Data Scientist
  • Prompt Engineer
  • Automation Expert

👉 Salary:

  • Fresher: ₹4–10 LPA
  • Experienced: ₹20–50 LPA+

🏆 Final Recommendation (सीधा निष्कर्ष)

👉 अगर बजट ठीक है → Chitkara University (Best nearby)
👉 अगर Govt + high level चाहिए → Punjab Engineering College
👉 अगर low budget → Aryans Group / PIT Rajpura


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ttps://www.cashaly.com/refer-earn/32749R0RMT

✅ अगर आप चाहें तो मैं आपको:

  • 🎯 “राजपुरा के पास best AI कॉलेज shortlist (cutoff + admission process)”
  • 🎯 “AI में 100% job guarantee roadmap”
  • 🎯 “कम फीस में top AI सीखने का पूरा प्लान”

भी step-by-step बना सकता हूँ 👍

4/21/26

तत्कालिक मिडिल-ईस्ट- संघर्ष के समस्त कारण /समस्याएं /बाधाएं और विश्व- शान्ति हेतु उनका तार्किक व् निष्पक्ष समाधान !

 तत्कालिक मिडिल-ईस्ट- संघर्ष के समस्त कारण /समस्याएं /बाधाएं और विश्व- शान्ति हेतु उनका तार्किक व् निष्पक्ष समाधान !

मिडिल-ईस्ट (पश्चिम एशिया) का संघर्ष किसी एक कारण से नहीं, बल्कि इतिहास, धर्म, भू-राजनीति, संसाधन, और वैश्विक शक्तियों के टकराव का जटिल मिश्रण है। इसे समझने के लिए हमें कारणों, वर्तमान समस्याओं, और व्यवहारिक समाधान—तीनों को संतुलित रूप से देखना होगा।


वीडियो


🔥 1. मूल कारण (Root Causes)

1. ऐतिहासिक विरासत

  • Sykes-Picot Agreement
    इस समझौते ने कृत्रिम सीमाएँ बनाईं, जिससे जातीय-धार्मिक टकराव शुरू हुए।
  • Creation of Israel
    इसके बाद अरब-इजराइल युद्धों और फ़िलिस्तीन विवाद ने स्थायी तनाव पैदा किया।

2. धार्मिक व पहचान संघर्ष

  • यहूदी, मुस्लिम (सुन्नी-शिया), और ईसाई समुदायों के बीच धार्मिक-राजनीतिक टकराव
  • विशेषकर Jerusalem तीनों धर्मों के लिए पवित्र है

3. भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा

  • Iran vs Saudi Arabia (शिया vs सुन्नी नेतृत्व)
  • United States, Russia, China जैसे बाहरी शक्तियों का हस्तक्षेप

4. तेल व संसाधन (Oil Politics)

  • खाड़ी क्षेत्र में विश्व का बड़ा तेल भंडार
  • ऊर्जा सुरक्षा के लिए बाहरी देशों की दखलंदाजी

5. अस्थिर शासन व तानाशाही

  • कई देशों में लोकतंत्र कमजोर या अनुपस्थित
  • Arab Spring के बाद भी स्थिरता नहीं आई

https://lnkd.in/ghTHEkbZ

⚠️ 2. वर्तमान समस्याएँ

1. लगातार युद्ध व प्रॉक्सी युद्ध

  • Gaza Strip, Syria, Yemen में संघर्ष
  • बड़े देश छोटे समूहों को समर्थन देकर “proxy wars” चला रहे हैं

2. आतंकवाद और चरमपंथ

  • ISIS, Hezbollah जैसे संगठन
  • अस्थिरता को और बढ़ाते हैं

3. शरणार्थी संकट

  • लाखों लोग विस्थापित
  • यूरोप और अन्य देशों पर सामाजिक-आर्थिक दबाव

4. मानवाधिकार संकट

  • नागरिकों की मौत, भूख, स्वास्थ्य संकट
  • युद्ध अपराधों के आरोप


https://lnkd.in/gehrkSP3


🚧 3. मुख्य बाधाएँ (Obstacles)

  1. विश्वास की कमी – देशों और समूहों के बीच भरोसा नहीं
  2. राजनीतिक हित – शक्तिशाली देश अपने हित नहीं छोड़ना चाहते
  3. धार्मिक कट्टरता – समझौते को “समर्पण” माना जाता है
  4. असमान शक्ति संतुलन – कमजोर पक्ष खुद को असुरक्षित मानता है
  5. अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं की सीमाएँ – जैसे United Nations के पास सीमित कार्यान्वयन शक्ति

🕊️ 4. तार्किक व निष्पक्ष समाधान (Practical Solutions)

1. दो-राष्ट्र समाधान (Two-State Solution)

  • इजराइल और फ़िलिस्तीन को अलग-अलग मान्यता
  • West Bank और गाजा में स्वतंत्र फ़िलिस्तीन

👉 यह सबसे व्यावहारिक लेकिन सबसे कठिन समाधान है


2. क्षेत्रीय शक्ति संतुलन

  • Iran और Saudi Arabia के बीच कूटनीतिक समझौते
  • हाल के वर्षों में चीन की मध्यस्थता जैसे प्रयास सकारात्मक संकेत हैं

3. बाहरी हस्तक्षेप में कमी

  • United States और Russia को सैन्य हस्तक्षेप कम करना होगा
  • हथियार आपूर्ति पर नियंत्रण

4. आर्थिक विकास और सहयोग

  • संयुक्त आर्थिक परियोजनाएँ
  • तेल पर निर्भरता कम करना
  • रोजगार बढ़ाना → कट्टरता कम होगी

5. शिक्षा और डि-रेडिकलाइजेशन

  • कट्टर विचारधारा के खिलाफ शिक्षा
  • युवा पीढ़ी में सहिष्णुता बढ़ाना

6. मजबूत अंतरराष्ट्रीय तंत्र

  • United Nations को अधिक अधिकार
  • शांति सेना (peacekeeping forces) को मजबूत बनाना

7. मानवाधिकार प्राथमिकता

  • युद्धविराम (ceasefire)
  • नागरिक सुरक्षा
  • अंतरराष्ट्रीय निगरानी

⚖️ निष्कर्ष (Balanced Reality)

मिडिल-ईस्ट में शांति संभव है, लेकिन:

  • यह एक-दो समझौतों से नहीं, बल्कि दीर्घकालिक, बहु-स्तरीय प्रक्रिया से ही आएगी
  • सभी पक्षों को कुछ न कुछ त्याग करना होगा
  • और सबसे महत्वपूर्ण:
    👉 “न्याय के बिना शांति स्थायी नहीं हो सकती”

(2)


“2026 की वर्तमान स्थिति (latest tensions, Israel-Iran, Gaza war)” और “भारत पर इसका असर + निवेश/कमाई के अवसर” भी विस्तार से 🌍 2026: मिडिल-ईस्ट की वर्तमान स्थिति (Latest Reality)

🔥 1. Israel–Iran War: अब “छुपा संघर्ष” नहीं, खुला युद्ध

  • 28 फरवरी 2026 से 2026 Iran War शुरू हुआ
  • United States + Israel ने मिलकर Iran पर एयरस्ट्राइक किए
  • जवाब में Iran ने:
    • मिसाइल और ड्रोन से हमला किया
    • Gulf देशों और US bases को target किया
    • Strait of Hormuz (global oil route) को disrupt किया

👉 अब यह सिर्फ regional नहीं, global war risk बन चुका है


⚠️ 2. Ceasefire = सिर्फ “कागज़ी शांति”

  • US–Iran ceasefire टूटने के कगार पर है
  • US troops की भारी तैनाती (10,000+) और ground war की तैयारी
  • Iran भी पूरी तरह युद्ध के लिए तैयार

👉 मतलब: कभी भी full-scale war फिर शुरू हो सकता है


💣 3. Gaza + Hezbollah + Proxy War

  • Gaza Strip में ceasefire के बावजूद sporadic attacks जारी
  • Hezbollah vs Israel (Lebanon front active)
  • Yemen के Houthis भी war में कूद चुके हैं

👉 पूरा region multi-front war zone बन चुका है


⛽ 4. Energy Crisis (सबसे बड़ा खतरा)

  • International Energy Agency के अनुसार:
    👉 “इतिहास का सबसे बड़ा energy crisis”
  • दुनिया के ~20% oil supply पर खतरा (Hormuz route)

👉 इसका सीधा असर:

  • तेल कीमतें 🚀
  • महंगाई 🚀
  • global recession का खतरा

🧒 5. Humanitarian Crisis

  • लाखों लोग प्रभावित
  • बच्चों और नागरिकों पर गहरा असर
  • Gaza reconstruction plan अभी भी अनिश्चित

🇮🇳 भारत पर असर (India Impact)

⚠️ 1. पेट्रोल-डीजल महंगा

  • भारत 80%+ oil import करता है
    👉 Middle-East crisis = fuel prices ↑
    👉 inflation ↑

📉 2. शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव

  • Global uncertainty → FII (foreign investors) पैसा निकालते हैं
  • IT, pharma stable रहते हैं
  • aviation, logistics sectors प्रभावित

💼 3. Gulf में भारतीयों पर असर

  • UAE, Saudi, Qatar में लाखों भारतीय काम करते हैं
  • युद्ध बढ़ा → jobs + remittance खतरे में

🚢 4. व्यापार (Trade Risk)

  • Hormuz route बंद/slow → shipping cost ↑
  • import/export delay

💰 भारत में कमाई / निवेश के अवसर (2026

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ttps://www.cashaly.com/refer-earn/32749R0RMT


 Opportunity Map)

अब सबसे महत्वपूर्ण भाग 👇
👉 “संकट = अवसर”


🟢 1. Oil & Energy Stocks (High Profit Zone)

  • oil prices ↑ → energy कंपनियों का profit ↑

👉 भारत में:

  • ONGC
  • Reliance Industries

✔ Short-term में strong returns मिल सकते हैं


🟢 2. Defence Sector (War = Demand)

  • global arms demand बढ़ रही है

👉 India stocks:

  • HAL
  • Bharat Electronics Limited

✔ Long-term multi-bagger potential


🟢 3. Gold (Safe Haven King)

  • war → uncertainty → gold ↑

👉 Strategy:

  • Gold ETF / Digital Gold
  • physical gold

✔ safest hedge


🟢 4. Shipping & Logistics (Hidden Opportunity)

  • shipping rates ↑
  • container cost ↑

👉 Indian companies benefit indirectly


🟢 5. Crypto (High Risk, High Reward)

  • war time → crypto demand ↑
  • लेकिन volatility बहुत high

👉 only small capital use करें


🟢 6. YouTube / Content Opportunity (आपके लिए खास)

आपके digital marketing interest के हिसाब से 👇

👉 Topics:

  • “Middle East War Explained Hindi”
  • “Oil Prices क्यों बढ़ रहे हैं”
  • “India पर असर + पैसा कैसे कमाएं”

✔ High RPM (USA audience)
✔ viral potential


⚖️ Final Reality (Hard Truth)

👉 2026 की स्थिति:

  • यह सिर्फ Israel vs Iran नहीं
  • यह World Order Reset की शुरुआत हो सकती है

👉 3 possible future:

  1. Limited war (controlled)
  2. Full-scale regional war ❌
  3. Diplomatic settlement (best case)

🧠 Smart Strategy (आपके लिए)

👉 Panic मत करें
👉 इन 3 चीजों पर focus करें:

  1. Gold + Energy stocks
  2. Defence sector (long-term)
  3. Content creation (YouTube / Pinterest traffic) 



9/11/20

हमारे बच्चें हमारी जिंदगी है ,हमारी दुनिया है। स्कूल भेजने का सवाल ही नहीं उठता !@मनोज बत्तरा -बर्बाद इंडिया / मनोज बत्रा (एडिटर)

21 सितम्बर से ,आंशिक रूप से स्कूलों को खोलने का, सरकार का मन ! 

साढ़े 44 लाख से अधिक कोरोना -केस,और कई तरह की छूट,आश्चर्यजनक और विचारणीय प्रश्न है!

हमारे बच्चें हमारी जिंदगी है ,हमारी दुनिया है। स्कूल भेजने का सवाल ही नहीं उठता !@मनोज बत्तरा 

दिनांक -11 सितम्बर ,2020 . 
राजपुरा -चंडीगढ़ (पंजाब ). (ईश्वर आज़ाद द्वारा ). 
      
     दिनांक 10 सितम्बर ,2020 के 'दैनिक ट्रिब्यून 'के सम्पादकीय 'सतर्कता संग शिक्षा 'पढ़कर ,वर्तमान में शिक्षा की दशा और दिशा ने ,'बर्बाद इंडिया न्यूज़ 'के मुख्य संपादक और पत्रकार मनोज बत्तरा का ध्यान आकर्षित किया।लेख में बताया गया कि सरकार ने आगामी 21 सितम्बर से ,कक्षा नौवीं से लेकर बारवीं कक्षा तक के छात्रों हेतू स्कूलों को आंशिक रूप से खोलने का मन बनाया है। लेख में कोरोना के वैश्विक -संकट के चलते ,वर्तमान में छात्रों की मनोदशा और चिंताओं का भी जिक्र है। लेख में ,ग्रामीण इलाकों में ख़राब इंटरनेट,बिजली -समस्या ,गरीबी आदि के कारण ऑनलाइन -शिक्षा में आ रही ,रुकावटों को भी प्रमुख रूप से उजागर किया गया है। 



     बत्तरा ने कहा कि देश में यदि कोरोना -केस लाखों में है ,तो एक अभिभावक की हैसियत से ,सरकार के ,इस मूर्खता -पूर्ण फैसले का स्वागत और समर्थन मैं कभी नहीं करूँगा। हमारे बच्चें हमारी जिंदगी है ,हमारी दुनिया है। स्वैछिक विकल्प और अनुमति का प्रश्न ही नहीं उठता। माना कि कोरोना -संक्रमण के बाद ,लागू लॉकडाउन ने देश में शिक्षा के अधिकार के दायरों को संकुचित कर दिया है। पर इस बात की क्या गारंटी है कि बच्चें और स्कूल ,नियमों के पालन में लापरवाही नहीं करेंगे और बच्चों को कोरोना -संक्रमण नहीं होगा। देश में 12000 कोरोना -केसों के आने पर तो बड़ा  लॉकडाउन लगा दिया जाता है और वर्तमान में साढ़े 44 लाख से अधिक कोरोना -केस आने पर ,कई तरह की छूट दी जा रही है -ये आश्चर्यजनक और विचारणीय प्रश्न है। 
     बत्तरा के उक्त आशय का पत्र ,आज 'दैनिक ट्रिब्यून 'के चंडीगढ़ ,करनाल और गुड़गांव तीनो संस्करणों में ,करोड़ों पाठकों हेतू 'ट्रिब्यून 'के सम्पादकीय -पृष्ठ पर ,'आपकी राय 'कॉलम के अंतर्गत प्रकाशित हुआ।बत्तरा का कहना है कि लेखन और पत्रकारिता के इस मुकाम पर ,वे बिना मार्ग-दर्शन और स्वप्रेरणा से पहुंचे है ,जिसके पीछे उनकी वर्षों की अथक मेहनत और समाज के प्रति दायित्व -बोध है।  



    


चीफ एडिटर आचार्य मनोज बत्तरा


9/9/20

शिल्पा के कारण; बत्रा के फ्रिज का मक्ख़न ,थोड़ा कम हुआ !-बर्बाद इंडिया / मनोज बत्रा (एडिटर)

टेली-कॉलिंगनार !

'बर्बाद इंडिया 'की सबसे बड़ी प्रशंसक,शिल्पा  'शैली ',फिर पुरस्कृत !

शिल्पा के कारण; बत्रा के फ्रिज का मक्ख़न ,थोड़ा कम हुआ !

  दिनांक -9  सितम्बर ,2020 
 राजपुरा -चंडीगढ़ (पंजाब ). (शिल्पा 'शैली 'और मनोज बत्रा द्वारा ). 

      रियल और वास्तविक ,उन्हें इंसान कहना अटपटा लग रहा है ,इसलिए रियल और वास्तविक रब जैसे लोगों के अंतर्मन की पहचान ,उनकी आवाज में परिवर्तन से हो जाती है। दरअसल ,वे अंदर से जो, जी रहे होते है ,वो ही उनके चेहरे और आवाज से झलक रहा होता है। आज जब 'बर्बाद इंडिया'की उप -संपादक शिल्पा जी 'शैली'का कॉल आया ,तो उनकी आवाज साफ़ दिखा रही थी ,कि वे अंदर से कुछ उखड़ी हुई -सी थी। इस बात पर, मेरे पूछने पर वे नहीं मानी ,बोली -'नहीं कोई बात नहीं !'यहाँ मैंने उन्हें आवाज सही करने हेतू काढ़ा पीने की सलाह दी !खैर ,बत्तरा साहेब ,तो पूर्व -जन्मों के अंतर्ज्ञान और संस्कारों के धनी है ,अनकही बातें ,कम कही बातों के मर्म को ,गहरे तक समझ जाते है !


व्यक्तिगत कारणों से शिल्पा "शैली " के स्थान पर,प्रतीक -रूप में
अभिनेत्री  शिल्पा शैट्टी का चित्र लगाया गया है !
 


     मैं हैरान तब हुआ ,जब उक्त बात से जुडी बात उन्होंने बोल डाली -'सर ,लगता है इन दिनों आप काफी बिजी रहे ,जो हमारी बात नहीं हुई ,,,,,,पिछले टेलि-कॉलिंगनार का शेष-भाग मैंने पढ़ा !एक-एक बात आपने बड़ी गहराई से ,मर्म के साथ और अंत में निष्कर्ष देकर लिखी !लगता है ,मनोज सर ,आप कागज -पैन साथ रखते हो !'
     मन में उनकी बात सुनकर ,सोच रहा था कि प्यार हो ,दोस्ती हो या फिर कोई भी रिश्ता ,जब आदत बन जाता है ,तो वह अपनी अहमियत खो देता है !'नहीं ,बिजी नहीं था ,कुछ लापरवाही और कुछ संशय के कारण ,आपसे बात नहीं कर पाया !,,,,और जहाँ तक गहराई और मर्म के साथ लिखने का सवाल है ,तो पहले मैं दिये टॉपिक पर लिखता था। पर फिर जीवन के अनुभवों से ,अंतर्ज्ञान हुआ कि नहीं ,दिमाग के साथ दिल से भी लिखो। जो जियो वो लिखो ,ऐसी सच्चाई लिखो ,जो दुनिया के काम आ सके !और खुद में चिंतन -मनन से ,ऐसे निष्कर्ष पैदा करो ,जो आम -जन को ,जीवन की जटिलता में दिशा दे !शिल्पा  जी ,इसी का नाम तो साहित्य है !ऐसा लेखन ,ऐसा साहित्य, जिसमें विश्व का कल्याण और परोपकार छिपा है ! ऐसा साहित्य लिखना-पढ़ना सकारात्मकता पैदा करता है और विश्व-कल्याण और परोपकार की भावनायें ,इंसान को भक्ति की ओर ले जाती है !'
     खैर ,दोस्तों ,जो भी है ,शिल्पा 'शैली जी मेरी और 'बर्बाद इंडिया 'की सबसे बड़ी प्रशंसक है !उनकी स्वादिष्ट आवाज में ,तारीफ सुनकर स्वाद आ जाता है ,मानो ऐसे लगता है ,जैसे कोई बड़ा राष्ट्रिय -पुरस्कार मिला हो ,लिखना सफल हुआ हो !अब शिल्पा जी का सम्मान बनता है, भाई ! मुख्य सम्पादक की हैसियत से मैं उनको   'बर्बाद इंडिया 'की सबसे बड़ी प्रशंसक होने की घोषणा,पुरस्कार सहित करता हूं !
     हमारे बीच का टेलि-कालिंगनार ,अपने पूरे हुस्न पर था।शिल्पा जी बोली -'मेरे बॉस मुझसे बोले ,शिल्पा ,ऐसा आपमें क्या है ,जो काम हम सीनियर होकर भी नहीं कर पाते ,वो आप कर डालते हो !कंपनी के जो ग्राहक किश्तें नहीं भर रहे होते है ,वे आगे -पीछे किश्तें भरने लगते है !'यह सुनकर मैं भी खुश था कि मेरी सखी की ऑफिस में बहुत इज्जत है !खैर,शिल्पा जी ने आगे बॉस से कहा कि 'सर ,कंपनी के ग्राहकों से मेरी बॉन्डिंग अच्छी रहती है,उनकी मजबूरी को समझती हूँ ,किश्त भरने के लिए ,जोर नहीं डालती !सर ,कोई भी समस्या ,सही समय और सही जरिया आने पर ही ,स्वयं  हल होती है !बस ,कंपनी और ग्राहकों को सब्र से काम लेना चाहिए !कंपनी के ग्राहक मुझ पर विश्वास करते है !'उनकी बात बीच में रोक ,उत्सुकता में गलतियां होती रहती है ,मैं बोल पड़ा कि 'विश्वास किया नहीं जाता ,हो जाता है!'
     और इधर मुझे ये भी लग रहा था कि अपने फ्रिज का थोड़ा मक्ख़न आज कुछ और कम करूँ !'दरअसल ,आपकी मधुर और बैलेंस आवाज लोगों पर असर डालती है और वे पॉजिटिव होकर ,एक्टिव हो जाते है !'मैं ये सब उनसे बोला ,मन में यह सब सोचते हुए भी ,कि तैनूं तां निन्द आ जांदी है ,इनहादि ग्लां सुनके ,जिवें सप्प ,सो जांदा है ,बीण दी आवाज तें !
     दरअसल , शिल्पा जी को खुद भी नहीं मालूम ,कि उनकी आवाज में जादू  है ! सुनने वाले में भी ,आवाज की आवृति ,बैलेंस ,मर्म आदि को समझने की शक्ति होनी चाहिए !वैसे तो कोई इंसान पूर्ण नहीं होता ,पर नवजोत सिंह सिद्धू के स्टाइल में कहूं तो,'मोहतरमा ,तुसी कम्प्लीट हो ,सारियां नूं करदे ,पलित्त हो !'भई ,अपनी तो बेहतरीन इंसान वाली तलाश इनसे पूरी हो गयी है !

     "बत्तरा साहब ,बस करो आप !इतनी तारीफ भी कोई मुँह पे करता है ?" 
     -"अरे , पगले मन !मैं तो सखी साहिबा की तारीफ ,फ़ोन  पे कर रहा हूँ !"

चीफ एडिटर आचार्य मनोज बत्तरा



8/31/20

"किसी के जाने से देश नहीं रुकता !वह तो नए चेहरों के साथ ,नयी उम्मीदों व नए प्रयासों के साथ आगे बढ़ता है !"-चीफ एडिटर मनोज बत्तरा /बर्बाद इंडिया न्यूज़।

"धोनी के बिना भारतीय क्रिकेट !"-विषय /दैनिक ट्रिब्यून/ सम्पादकीय- पृष्ठ/ "जन -संसद "कॉलम 

"किसी के जाने से देश नहीं रुकता !वह तो नए चेहरों के साथ ,नयी उम्मीदों व नए प्रयासों के साथ आगे बढ़ता है !"-चीफ एडिटर मनोज बत्तरा /बर्बाद इंडिया न्यूज़। 

दिनांक -31 अगस्त ,2020 .  
चंडीगढ़ (पंजाब ). (ईश्वर आज़ाद द्वारा ). 

     दैनिक ट्रिब्यून ,चंडीगढ़ के मुख्य संपादक श्री राज कुमार सिंह ने कहा कि अन्तर्राष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहने वाले महेंद्र सिंह धोनी ,क्रिकेट जगत में ऐसे कप्तान रहे है ,जिनके नेतृत्व में भारतीय टीम ने क्रिकेट के तीनों प्रारूपों में सफलता की ऊंचाइयों को छुआ ! उनकी कप्तानी ने टीम को ,टेस्ट क्रिकेट में पहली बार नंबर एक बनाया !सही मायनों में ,धोनी की विदाई से क्रिकेट की दुनिया में ,एक करिश्माई युग का अंत हुआ !
     पूर्व में,दैनिक ट्रिब्यून द्वारा,अपने सम्पादकीय- पृष्ठ पर , "जन -संसद "कॉलम के अंतर्गत "धोनी के बिना भारतीय क्रिकेट "विषय पर प्रबुद्ध व विचारशील पाठकों और बुद्धिजीवियों से विचार आमंत्रित किये गए थे !

Happy Birthday MS Dhoni India s Captain cool turns 39 i know 10 facts about mahendra  singh dhoni - HAPPY B'DAY Mahi: 39 साल के हुए महेंद्र सिंह धोनी, पढ़ें उनसे  जुड़ी 10 बड़ी बातें

     "बर्बाद इंडिया "के चीफ एडिटर और वरिष्ठ पत्रकार मनोज बत्तरा ने भी उक्त विषय पर अपने विचार भेजें !बत्तरा ने कहा कि "इसमें कोई दो राय नहीं ,कि धोनी साहब ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में भारत को ऊंचाइयों पर कई आयाम दिए! अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा ,उनका निजी फैसला है !पूरे देश को उनकी भावनाओं और फैसले का सम्मान करना चाहिए!रही बात उनके बिना भारतीय क्रिकेट की दशा की ,तो मुझे पूर्व राष्ट्रपति स्व .अब्दुल जी कलाम साहब के शब्द याद आ रहे है कि "इन्तजार करने वालों को ,सिर्फ उतना ही मिलता है ,जितना कोशिश करने वाले ,अक्सर छोड़ देते है !" पर यहाँ कलाम साहब के कहने के भाव कुछ और थे !लेकिन यहाँ मैं कहना चाहूंगा कि किसी के जाने से देश नहीं रुकता !वह तो नए चेहरों के साथ ,नयी उम्मीदों व नए प्रयासों के साथ आगे बढ़ता है !बहुत सारे उत्साही लोग ,इस इन्तजार में रहते है कि कब उन्हें मौका मिले ,देश और परिवार का नाम रोशन करने का !धोनी का करिश्माई युग ,क्रिकेट जगत में प्रेरणा बनेगा ,नए आयाम स्थापित करेगा !ये बात दूसरी है कि धोनी की कमी, अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में सदैव खलेगी और उनका योगदान सदैव याद किया जाता रहेगा !" 
     हालाँकि बत्तरा के विचार जन -संसद में साझा राय नहीं बना पाएं,जबकि उनके विचार प्रासंगिक तो है ही ! 


चीफ एडिटर आचार्य मनोज बत्तरा





8/21/20

जल -विवाद के चलते ,बिजली का अवैध खम्बा,पंजाब -हरियाणा में आग लगा सकता है !@पत्रकार मनोज बत्तरा/-बर्बाद इंडिया / मनोज बत्रा (एडिटर)

जल -बंटवारे पर केंद्र को डराने वाले ,पंजाब -मुख्यमंत्री सहित हरियाणा -मुख्यमंत्री को, जब लोक -हित में ,पत्रकार /देशभक्त मनोज बत्तरा ने अप्रत्यक्ष डराया !...... 

जल -विवाद के चलते ,बिजली का अवैध खम्बा,पंजाब -हरियाणा में आग लगा सकता है !@पत्रकार मनोज बत्तरा

21 अगस्त ,2020 . 
राजपुरा (पंजाब ). (ईश्वर आज़ाद और मनोज बत्तरा द्वारा ). 

     भले ही पिछले दिनों केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के साथ, वीडियो कॉन्फ्रेंस में, पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह द्वारा केंद्र सरकार को डराने की अप्रत्यक्ष कोशिश हुई !उन्होंने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार को सचेत रहने की अपील करते हुए कहा कि यदि एस वाई एल(सतलुज -यमुना लिंक नहर )का पानी साझा किया गया ,तो कम पानी वाला पंजाब जलने लगेगा(हिंसक विरोध -प्रदर्शनों के कारण, उनका इशारा था!) और यह राष्ट्रीय समस्या बन जाएगी !यह मुद्दा देश की सुरक्षा को भंग करने की संभावना रखता है !40 साल पुराने इस मुद्दे से पंजाब में और
अ िस्थरता आएगी,पहले ही पंजाब, पाकिस्तान और अलगावादी सिख फॉर जस्टिस संस्था से खतरे में है !


Captain Amarinder Singh submits his resignation to Speaker - The ...
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह 


     पर पूर्व का एक अतिसंवेदनशील स्थानीय मुद्दा ,ऐसा भी है ,जिसमें पत्रकार और साहित्यकार मनोज बत्तरा द्वारा पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर को अप्रत्यक्ष रूप से डराकर ,मसला दो बार हल किया गया !इस मुद्दे से पंजाब की कांग्रेस सरकार के खिलाफ ,विपक्ष को विधान सभा में घेरने का मुद्दा हाथ लग जाता !पंजाब के साथ हरियाणा के लोग भी मर सकते थे,मर सकते है !हरियाणा ,पंजाब पर उसके लोगों को मारने का आरोप लगा सकता था,है  !और यदि ऐसा होता ,तो संविधान का बहुत बड़ा संकट पैदा हो सकता था,है !
     दरअसल राजपुरा ,पंजाब के एक गांव कुलदीप नगर में एक बिजली का खम्बा ,इस प्रकार मुड़ा हुआ था ,कि बिजली की हाई -वोल्टेज तारें धीरे -धीरे ,जमीन से 6 -7 फुट ऊपर तक आ गई थी !ये खम्बा नियमों को ताक पर रखकर ,किसी के खाली प्लॉट में ,एक शोरूम को पीछे से बिजली की सप्लाई देने हेतू खड़ा किया गया है !लापरवाही आदि के चलते ,इन तारों के नीचे से गुजरने से ,एक स्कूल -बस के बच्चें और एक कंटेनर का ड्राइवर मरते -मरते बचें !इन लटकती तारों के ऊपर अक्सर चिड़िया ,कौवें ,कबूतर आदि भी बैठकर ,जब उठकर उड़ते है ,तो ख़तरनाक़ तरीकें से ,स्पार्किंग तारों पर ,इधर से उधर दौड़ती है !(पुराना फाइल वीडियो संलग्न है !)




     पत्रकार और साहित्यकार मनोज बत्तरा ने बताया ,कि आज भी दिक्कत ये है ,कि बारिशों के दिनों में और प्राय इन हाई वोल्टेज तारों के नीचे पानी भरा रहता है !ये पानी एक गंदे नाले  और गंडाखेड़ी नहर से जुड़ा हुआ है !गंडाखेड़ी नहर आगे हरियाणा में चली जाती है !प्रॉपर बारिशों के दिनों में कच्चे में खड़े इस खम्बें के फिर से गिरने के चांस है !यदि ये खम्बा गिर जाता है या स्पार्किंग से तारें टूट कर ,गिर कर नीचे के पानी के संपर्क में आ जाती है ,तो गंडाखेड़ी नहर या आगे लिंक नहर में नहाने वाले पंजाब -हरियाणा के लोग ,बच्चें ,पशु ,खेतों में काम कर रहे किसान -मज़दूर आदि करंट से  मर सकते है !चूँकि पंजाब और हरियाणा के बीच जल -विवाद चल रहा है ,हरियाणा के लोगों के मरने की िस्थति में  हरियाणा ,पंजाब पर उसके लोगों को मारने का आरोप लगा सकता है !और यदि ऐसा होता है  ,तो दोनों राज्यों के झगडे के कारण ,संविधान का बहुत बड़ा संकट पैदा हो सकता है !


Haryana CM Manohar Lal Khattar meets PM Modi
हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर ,प्रधानमंत्री मोदी जी के साथ!


     बत्तरा ने आगे कहा कि दोनों राज्यों के बीच कोई संवैधानिक संकट आदि न हो ,इसीलिए एक जागरूक ,देशभक्त नागरिक होने का कर्तव्य निभातें हुए उन्होंने , उक्त आशय से सम्बंधित पत्र ,दोनों राज्यों के मुख्यमंत्री को पहले भी भेजकर ,लोगों की जान-माल की रक्षा के लिए ,दो बार ये खम्बा और लटकती तारें उन्होंने ठीक करवाई है !पर सम्बंधित विभाग में भर्ष्टाचार इतना है कि कोई इस खतरनाक खम्बें को ,स्थाई रूप से नहीं हटवाता !समस्या फिर विकटता की और जा रही है !

चीफ एडिटर आचार्य मनोज बत्तरा








7/31/20

कोरोना -वॉरियर्स डॉ.मनजीत सिंह ,अपने निःस्वार्थ कार्यों हेतू पुरस्कृत !-बर्बाद इंडिया / मनोज बत्रा (एडिटर)

बंदा रब का दास है !क्षेत्र का बड़ा ख़ास है !!

 कोरोना -वॉरियर्स डॉ.मनजीत सिंह ,अपने निःस्वार्थ कार्यों हेतू पुरस्कृत !

30 जुलाई ,2020 . 
कुलदीप नगर ,राजपुरा(पंजाब ). 
(ईश्वर आज़ाद और मनोज बत्तरा द्वारा ).

     कुलदीप नगर और आस-पास के एरिया के मशहूर डॉक्टर मनजीत सिंह ,इलाके का जाना-माना नाम है !ये नाम ऐसे ही नहीं बना !इसके पीछे उनकी काम के प्रति गहरी लगन, मेहनत और समाज के प्रति सेवा का उनका  भाव है! 
     अब समाज और देश की तरक्की और सेवा तो कोई रब का बंदा ही सोच सकता है !जी हाँ ,पंजाब के इतिहास में बेहद रुचि रखने वाले ,डॉक्टर मनजीत रब के दास भी है !रब के वजूद में विश्वास रखते है और गुरुद्वारों ,मंदिरों आदि धार्मिक स्थलों में दर्शन ,प्रसादा छकना और सेवा करना आदि इनके नियमित कार्य और व्यवहार है !
     डॉक्टर मनजीत इलाके के लोगो के बीच अपनी अच्छी पकड़ रखते है !प्यार और सम्मान से लोग, उन्हें उनके निक नेम "डॉक्टर बिल्ला "से कहकर पुकारते है !लोगों का विश्वास उनके द्वारा किये गए निःस्वार्थ कार्यों के कारण भी है !पिछले दिनों उन्होंने एक नाली साफ़ करने वाले, बेहद गरीब व्यक्ति के माथे पर उगे हानिकारक फोड़े का ऑप्रेशन ,अपने और कुछ साथियों के पैसों से मिलकर करवाया !गरीबों को मुफ़्त दवाइयां तक बाँट देते है,डॉक्टर मनजीत !


मोहमद खलील नाली वाला 

     कोरोना -काल में भी डॉक्टर मनजीत सिंह ,"डॉक्टर लाल पैथ लेब" की टीम के साथ,अपनी जान की परवाह किये बिना, जुड़े हुए कार्य कर रहे है !वे सचमुच कोरोना वॉरियर्स है !रक्त -दान कैम्प हो या कोई भी चेकअप- कैम्प या समाज की सेवा का कार्य ,वे अपना योगदान बनाए रखते है !डेंगू तो इनसे डरता है !डेंगू के बहुत सारे मरीज इन्होने ठीक किये है!




डॉक्टर मनजीत अपना प्लेटलेट्स किसी
 अनजान व्यक्ति को दान करते हुए !

      डॉक्टर मनजीत सिंह एक कवि ,लेखक, स्वतंत्र पत्रकार और एक सामाजिक प्राणी भी है !"लक्कड़ -छक्क्ड़ जोड़कर ,मैंने कंप्यूटर- सेंटर बनाया !"नामक कविता उनके कवि -रूप की बेहतरीन मिसाल है !जन्म-दिन ,मुंडन ,सगाई ,विवाह हो या किसी का भोग ,डॉक्टर साहेब ,वहाँ पहुँच कर अपना सामाजिक कर्तव्य अवश्य निभाते है!
     डॉक्टर मनजीत एक प्यारी -सी बिटिया के पिता भी है !जीवन में बेटियों की अहमियत समझने के कारण ही ,वे  "बेटी बचाओं ,बेटी पढ़ाओं "मुहिम के सख्त हिमायती है !






      उन्होंने बताया कि वे गांव में रेड क्रॉस संस्था को लाने के इच्छुक है ,ताकि गांव के युवा समाज और देश-सेवा से जुड़ सकें !



     पूर्व में एक सामाजिक संस्था द्वारा डॉक्टर मनजीत का सम्मान किया गया !"बर्बाद इंडिया "भी अपने सामाजिक-दायित्व को समझता है !इसीलिए डॉक्टर मनजीत को उत्साहित करने के लिए ही ,उनके सामाजिक- कार्यों और निःस्वार्थ सेवाओं के लिए ,पुरस्कृत किया जा रहा है !डॉक्टर मनजीत सिंह को "बर्बाद इंडिया"की संपादक- टीम की ओर से हार्दिक शुभकामनाएं !

चीफ एडिटर आचार्य मनोज बत्तरा