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4/25/26

राजपुरा (पंजाब) के निकट AI में मास्टर करवाने वाले कॉलेज ? affiliation ? फीस ?लाभ ? आदि समस्त जानकारी !

राजपुरा (पंजाब) के निकट AI में मास्टर करवाने वाले कॉलेज ? affiliation ? फीस ?लाभ ? आदि समस्त जानकारी !

राजपुरा (पंजाब) के निकट AI में मास्टर करवाने वाले कॉलेज ? affiliation ? फीस ?लाभ ? आदि समस्त जानकारी !


    राजपुरा (पंजाब) के आसपास Artificial Intelligence (AI) / Machine Learning में मास्टर (M.Tech / MSc / PG) करवाने वाले कॉलेज सीधे बहुत कम हैं, लेकिन B.Tech + AI specialization या M.Tech AI/CS के विकल्प आसपास (राजपुरा–चंडीगढ़–पटियाला बेल्ट) में उपलब्ध हैं। नीचे आपको कॉलेज, affiliation, fees, फायदे—पूरी जानकारी दी जा रही है 👇

वीडियो


🎓 राजपुरा के पास AI / ML पढ़ाने वाले प्रमुख कॉलेज

1. 🎯 Chitkara University (राजपुरा)

4.2Private universityOpen

👉 सबसे best option (nearby + AI specialization available)

📚 Courses

  • B.Tech CSE (AI & ML specialization)
  • M.Tech (CSE / AI related)
  • MBA + Data Analytics (AI related)

🏫 Affiliation / Approval

  • UGC Approved
  • AICTE Approved
  • Private University

💰 Fees (approx)

  • B.Tech: ₹1.5–2 लाख/वर्ष
  • M.Tech: ₹1–1.5 लाख/वर्ष

🌟 फायदे

  • Industry tie-ups (Microsoft, IBM labs आदि)
  • Campus placements strong (5–12 LPA avg packages)
  • Practical AI labs + projects

2. 🎯 Aryans Group of Colleges (राजपुरा)

4.0CollegeOpen

👉 Budget-friendly option

📚 Courses

  • B.Tech CSE (AI / Data Science subjects)
  • PG courses limited (mainly MBA/IT)

🏫 Affiliation

  • IKG Punjab Technical University (PTU)

💰 Fees

  • ₹60,000 – ₹1 लाख/वर्ष

🌟 फायदे

  • Low fees
  • Scholarship options
  • Nearby location

⚠️ कमी

  • Advanced AI research exposure कम

3. 🎯 Punjab Engineering College (चंडीगढ़ – ~30 km)

4.5CollegeClosed

👉 Govt + Top level option

📚 Courses

  • M.Tech (CSE / AI / Data Science)
  • B.Tech AI & ML

🏫 Affiliation

  • Deemed University (Govt)

💰 Fees

  • B.Tech: ~₹1.8 लाख/वर्ष
  • M.Tech: ₹70,000–₹1 लाख/वर्ष

🌟 फायदे

  • High placements (10–20 LPA possible)
  • Strong research + coding culture
  • Govt reputation

4. 🎯 Punjab Institute of Technology, Rajpura

4.1CollegeClosed

👉 Basic level option

📚 Courses

  • B.Tech / Diploma (CSE)
  • AI subjects as part of syllabus

🏫 Affiliation

  • PTU / State Board

💰 Fees

  • ₹40,000–80,000/year

🌟 फायदे

  • Affordable
  • Local students के लिए आसान

5. 🎯 Dr IT Group (Banur – near Rajpura)

3.9CollegeOpen

👉 Mid-level private institute

📚 Courses

  • B.Tech CSE (AI basics included)

💰 Fees

  • ₹70,000–1 लाख/year


https://lnkd.in/gehrkSP3

🧠 महत्वपूर्ण बात (Reality Check)

👉 भारत में pure “AI Master degree” अभी limited है
👉 ज्यादातर colleges ये देते हैं:

  • M.Tech (CSE + AI specialization)
  • B.Tech (AI/ML specialization)

👉 भारत में 1700+ AI colleges हैं, लेकिन specialization mostly CSE के अंदर होता है

💡 Alternative (Best Smart Strategy)

अगर आप सच में AI expert बनना चाहते हैं, तो:

✔ Option 1 (Best ROI)

  • B.Tech CSE (AI specialization)
    • Online AI course (IIT / SWAYAM)

👉 IIT Madras AI courses ₹100–500 में भी उपलब्ध हैं

✔ Option 2 (Advanced)

  • M.Tech CSE (AI) + Projects + Freelancing

💰 Career Scope (AI)

  • AI Engineer
  • Data Scientist
  • Prompt Engineer
  • Automation Expert

👉 Salary:

  • Fresher: ₹4–10 LPA
  • Experienced: ₹20–50 LPA+

🏆 Final Recommendation (सीधा निष्कर्ष)

👉 अगर बजट ठीक है → Chitkara University (Best nearby)
👉 अगर Govt + high level चाहिए → Punjab Engineering College
👉 अगर low budget → Aryans Group / PIT Rajpura


h
ttps://www.cashaly.com/refer-earn/32749R0RMT

✅ अगर आप चाहें तो मैं आपको:

  • 🎯 “राजपुरा के पास best AI कॉलेज shortlist (cutoff + admission process)”
  • 🎯 “AI में 100% job guarantee roadmap”
  • 🎯 “कम फीस में top AI सीखने का पूरा प्लान”

भी step-by-step बना सकता हूँ 👍

4/21/26

तत्कालिक मिडिल-ईस्ट- संघर्ष के समस्त कारण /समस्याएं /बाधाएं और विश्व- शान्ति हेतु उनका तार्किक व् निष्पक्ष समाधान !

 तत्कालिक मिडिल-ईस्ट- संघर्ष के समस्त कारण /समस्याएं /बाधाएं और विश्व- शान्ति हेतु उनका तार्किक व् निष्पक्ष समाधान !

मिडिल-ईस्ट (पश्चिम एशिया) का संघर्ष किसी एक कारण से नहीं, बल्कि इतिहास, धर्म, भू-राजनीति, संसाधन, और वैश्विक शक्तियों के टकराव का जटिल मिश्रण है। इसे समझने के लिए हमें कारणों, वर्तमान समस्याओं, और व्यवहारिक समाधान—तीनों को संतुलित रूप से देखना होगा।


वीडियो


🔥 1. मूल कारण (Root Causes)

1. ऐतिहासिक विरासत

  • Sykes-Picot Agreement
    इस समझौते ने कृत्रिम सीमाएँ बनाईं, जिससे जातीय-धार्मिक टकराव शुरू हुए।
  • Creation of Israel
    इसके बाद अरब-इजराइल युद्धों और फ़िलिस्तीन विवाद ने स्थायी तनाव पैदा किया।

2. धार्मिक व पहचान संघर्ष

  • यहूदी, मुस्लिम (सुन्नी-शिया), और ईसाई समुदायों के बीच धार्मिक-राजनीतिक टकराव
  • विशेषकर Jerusalem तीनों धर्मों के लिए पवित्र है

3. भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा

  • Iran vs Saudi Arabia (शिया vs सुन्नी नेतृत्व)
  • United States, Russia, China जैसे बाहरी शक्तियों का हस्तक्षेप

4. तेल व संसाधन (Oil Politics)

  • खाड़ी क्षेत्र में विश्व का बड़ा तेल भंडार
  • ऊर्जा सुरक्षा के लिए बाहरी देशों की दखलंदाजी

5. अस्थिर शासन व तानाशाही

  • कई देशों में लोकतंत्र कमजोर या अनुपस्थित
  • Arab Spring के बाद भी स्थिरता नहीं आई

https://lnkd.in/ghTHEkbZ

⚠️ 2. वर्तमान समस्याएँ

1. लगातार युद्ध व प्रॉक्सी युद्ध

  • Gaza Strip, Syria, Yemen में संघर्ष
  • बड़े देश छोटे समूहों को समर्थन देकर “proxy wars” चला रहे हैं

2. आतंकवाद और चरमपंथ

  • ISIS, Hezbollah जैसे संगठन
  • अस्थिरता को और बढ़ाते हैं

3. शरणार्थी संकट

  • लाखों लोग विस्थापित
  • यूरोप और अन्य देशों पर सामाजिक-आर्थिक दबाव

4. मानवाधिकार संकट

  • नागरिकों की मौत, भूख, स्वास्थ्य संकट
  • युद्ध अपराधों के आरोप


https://lnkd.in/gehrkSP3


🚧 3. मुख्य बाधाएँ (Obstacles)

  1. विश्वास की कमी – देशों और समूहों के बीच भरोसा नहीं
  2. राजनीतिक हित – शक्तिशाली देश अपने हित नहीं छोड़ना चाहते
  3. धार्मिक कट्टरता – समझौते को “समर्पण” माना जाता है
  4. असमान शक्ति संतुलन – कमजोर पक्ष खुद को असुरक्षित मानता है
  5. अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं की सीमाएँ – जैसे United Nations के पास सीमित कार्यान्वयन शक्ति

🕊️ 4. तार्किक व निष्पक्ष समाधान (Practical Solutions)

1. दो-राष्ट्र समाधान (Two-State Solution)

  • इजराइल और फ़िलिस्तीन को अलग-अलग मान्यता
  • West Bank और गाजा में स्वतंत्र फ़िलिस्तीन

👉 यह सबसे व्यावहारिक लेकिन सबसे कठिन समाधान है


2. क्षेत्रीय शक्ति संतुलन

  • Iran और Saudi Arabia के बीच कूटनीतिक समझौते
  • हाल के वर्षों में चीन की मध्यस्थता जैसे प्रयास सकारात्मक संकेत हैं

3. बाहरी हस्तक्षेप में कमी

  • United States और Russia को सैन्य हस्तक्षेप कम करना होगा
  • हथियार आपूर्ति पर नियंत्रण

4. आर्थिक विकास और सहयोग

  • संयुक्त आर्थिक परियोजनाएँ
  • तेल पर निर्भरता कम करना
  • रोजगार बढ़ाना → कट्टरता कम होगी

5. शिक्षा और डि-रेडिकलाइजेशन

  • कट्टर विचारधारा के खिलाफ शिक्षा
  • युवा पीढ़ी में सहिष्णुता बढ़ाना

6. मजबूत अंतरराष्ट्रीय तंत्र

  • United Nations को अधिक अधिकार
  • शांति सेना (peacekeeping forces) को मजबूत बनाना

7. मानवाधिकार प्राथमिकता

  • युद्धविराम (ceasefire)
  • नागरिक सुरक्षा
  • अंतरराष्ट्रीय निगरानी

⚖️ निष्कर्ष (Balanced Reality)

मिडिल-ईस्ट में शांति संभव है, लेकिन:

  • यह एक-दो समझौतों से नहीं, बल्कि दीर्घकालिक, बहु-स्तरीय प्रक्रिया से ही आएगी
  • सभी पक्षों को कुछ न कुछ त्याग करना होगा
  • और सबसे महत्वपूर्ण:
    👉 “न्याय के बिना शांति स्थायी नहीं हो सकती”

(2)


“2026 की वर्तमान स्थिति (latest tensions, Israel-Iran, Gaza war)” और “भारत पर इसका असर + निवेश/कमाई के अवसर” भी विस्तार से 🌍 2026: मिडिल-ईस्ट की वर्तमान स्थिति (Latest Reality)

🔥 1. Israel–Iran War: अब “छुपा संघर्ष” नहीं, खुला युद्ध

  • 28 फरवरी 2026 से 2026 Iran War शुरू हुआ
  • United States + Israel ने मिलकर Iran पर एयरस्ट्राइक किए
  • जवाब में Iran ने:
    • मिसाइल और ड्रोन से हमला किया
    • Gulf देशों और US bases को target किया
    • Strait of Hormuz (global oil route) को disrupt किया

👉 अब यह सिर्फ regional नहीं, global war risk बन चुका है


⚠️ 2. Ceasefire = सिर्फ “कागज़ी शांति”

  • US–Iran ceasefire टूटने के कगार पर है
  • US troops की भारी तैनाती (10,000+) और ground war की तैयारी
  • Iran भी पूरी तरह युद्ध के लिए तैयार

👉 मतलब: कभी भी full-scale war फिर शुरू हो सकता है


💣 3. Gaza + Hezbollah + Proxy War

  • Gaza Strip में ceasefire के बावजूद sporadic attacks जारी
  • Hezbollah vs Israel (Lebanon front active)
  • Yemen के Houthis भी war में कूद चुके हैं

👉 पूरा region multi-front war zone बन चुका है


⛽ 4. Energy Crisis (सबसे बड़ा खतरा)

  • International Energy Agency के अनुसार:
    👉 “इतिहास का सबसे बड़ा energy crisis”
  • दुनिया के ~20% oil supply पर खतरा (Hormuz route)

👉 इसका सीधा असर:

  • तेल कीमतें 🚀
  • महंगाई 🚀
  • global recession का खतरा

🧒 5. Humanitarian Crisis

  • लाखों लोग प्रभावित
  • बच्चों और नागरिकों पर गहरा असर
  • Gaza reconstruction plan अभी भी अनिश्चित

🇮🇳 भारत पर असर (India Impact)

⚠️ 1. पेट्रोल-डीजल महंगा

  • भारत 80%+ oil import करता है
    👉 Middle-East crisis = fuel prices ↑
    👉 inflation ↑

📉 2. शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव

  • Global uncertainty → FII (foreign investors) पैसा निकालते हैं
  • IT, pharma stable रहते हैं
  • aviation, logistics sectors प्रभावित

💼 3. Gulf में भारतीयों पर असर

  • UAE, Saudi, Qatar में लाखों भारतीय काम करते हैं
  • युद्ध बढ़ा → jobs + remittance खतरे में

🚢 4. व्यापार (Trade Risk)

  • Hormuz route बंद/slow → shipping cost ↑
  • import/export delay

💰 भारत में कमाई / निवेश के अवसर (2026

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ttps://www.cashaly.com/refer-earn/32749R0RMT


 Opportunity Map)

अब सबसे महत्वपूर्ण भाग 👇
👉 “संकट = अवसर”


🟢 1. Oil & Energy Stocks (High Profit Zone)

  • oil prices ↑ → energy कंपनियों का profit ↑

👉 भारत में:

  • ONGC
  • Reliance Industries

✔ Short-term में strong returns मिल सकते हैं


🟢 2. Defence Sector (War = Demand)

  • global arms demand बढ़ रही है

👉 India stocks:

  • HAL
  • Bharat Electronics Limited

✔ Long-term multi-bagger potential


🟢 3. Gold (Safe Haven King)

  • war → uncertainty → gold ↑

👉 Strategy:

  • Gold ETF / Digital Gold
  • physical gold

✔ safest hedge


🟢 4. Shipping & Logistics (Hidden Opportunity)

  • shipping rates ↑
  • container cost ↑

👉 Indian companies benefit indirectly


🟢 5. Crypto (High Risk, High Reward)

  • war time → crypto demand ↑
  • लेकिन volatility बहुत high

👉 only small capital use करें


🟢 6. YouTube / Content Opportunity (आपके लिए खास)

आपके digital marketing interest के हिसाब से 👇

👉 Topics:

  • “Middle East War Explained Hindi”
  • “Oil Prices क्यों बढ़ रहे हैं”
  • “India पर असर + पैसा कैसे कमाएं”

✔ High RPM (USA audience)
✔ viral potential


⚖️ Final Reality (Hard Truth)

👉 2026 की स्थिति:

  • यह सिर्फ Israel vs Iran नहीं
  • यह World Order Reset की शुरुआत हो सकती है

👉 3 possible future:

  1. Limited war (controlled)
  2. Full-scale regional war ❌
  3. Diplomatic settlement (best case)

🧠 Smart Strategy (आपके लिए)

👉 Panic मत करें
👉 इन 3 चीजों पर focus करें:

  1. Gold + Energy stocks
  2. Defence sector (long-term)
  3. Content creation (YouTube / Pinterest traffic) 



11/5/20

इंडिया टाइम्स हिंदी का इंटरनेट पर वीडियो हुआ वायरल ! उड़ने वाली कार में; अब मनाइये हनीमून !-बर्बाद इंडिया न्यूज़ / मनोज बत्रा (एडिटर)

आश्चर्यजनक 

इंडिया टाइम्स हिंदी का इंटरनेट पर वीडियो हुआ वायरल !

उड़ने वाली कार में; अब मनाइये हनीमून !

  नई दिल्ली ,4 नवंबर ,2020 . (मनोज बत्तरा द्वारा ). 

     कुदरत अपने चमत्कारों से तो मानव को आश्चर्यचकित करती ही है,विज्ञान भी उसे विस्मित करने में ,कोई कसर नहीं छोड़ता !आवश्कयता अविष्कार की जननी होती है ,ये बात विज्ञान -जगत अच्छे से समझता है ,शायद इसीलिए वह मानव -जाति की इच्छाओं,सपनों और उसके सुगम जीवन आदि का सम्मान करते हुए ,अद्भुत और आश्चर्यजनक अविष्कारों का निर्माण करता रहता है!



     आज विज्ञान की सहायता से ही कल्पनाशील और सुख -इच्छुक मानव,समुन्द्र के अंदर शादी और हनीमून तक मना लेता है !अब उसकी इन इच्छाओं को आकाश में भी पूरा किया जा सकेगा ! जी हाँ ,अब विज्ञान मानव के हनीमून हेतू लाया है ,एक उड़ने वाली कार !



     इंडिया टाइम्स हिंदी के अनुसार ,स्लोवाकिया की क्लेनविजन फर्म की अद्भुत यह कार, अचानक 3 मिनट में ही ,हवाई जहाज में बदल जाती है ! जमीन पर चलने के साथ-साथ यह आकाश में भी उड़कर गति करती है !अभी हाल ही में 1500 फीट ऊँची उड़ान भरकर ,इस कार ने सफल टेस्ट पास किया है ! 200 किलोग्राम से अधिक का भार उठाने वाली यह अद्भुत कार ,18 लीटर प्रति घंटा ईंधन खपत करती है !इस कार को प्रोफेसर स्टीफन क्लेन ने डिजाइन किया है !निकट भविष्य में ये कार्रें आकाश में टैक्सी के रूप में भी उड़ती दिखाई देंगी !



     धिक जानकारी और इसकी उड़ान का सफल परीक्षण देखने हेतू कृपया इस लिंक पर क्लिक कीजियेगा !


                 


चीफ एडिटर आचार्य मनोज बत्तरा


9/16/20

कुत्ता मरा या जिंदा रहा ? बताइयें तो जरा !('बर्बाद इंडिया न्यूज़ '-यू- ट्यूब चैनल !) -बर्बाद इंडिया / मनोज बत्रा (एडिटर)

'बर्बाद इंडिया न्यूज़ '-यू- ट्यूब चैनल !

कुत्ता मरा या जिन्दा रहा ?बताइये ,तो जरा !


     रेलवे -ट्रैक पर घूमना ,कानूनी अपराध है !उसे बिल्कुल नहीं पता था !सफ़ेद रंग का ,वो नंगा प्राणी ,निश्चिन्त और बेखबर ,न जाने क्यों ट्रैक पर टहल रहा था ,शायद भोजन की तलाश थी उसे !अचानक मौत के पंजे उसकी ओर बढ़े !मौत ने कोई कसर नहीं छोड़ी ,उसे लीलने में !ये वीडियों देखकर तो ,एक बार आपका दिल दहल जायेगा, तरस आयेगा ,आपको इस नन्हें जीव पर !कुत्ता मरा या जिन्दा रहा ?बताइये,तो जरा !





'बर्बाद इंडिया न्यूज़ 'पर इस वीडियों को देखने के लिए ,यहाँ क्लिक करें -

https://www.youtube.com/watch?v=fUga00M9AoM


चीफ एडिटर आचार्य मनोज बत्तरा
-मुख्य कार्यकारी अधिकारी (चैनल )


9/13/20

एक और सोनू सूद ! सोनू सूद की जलाई अलख से ,देश में इंसानियत का प्रसार ! सतपाल चावला ने ,अपने पैसे खर्च कर, मज़दूर को घर भिजवाया -बर्बाद इंडिया / मनोज बत्रा (एडिटर) !

एक और सोनू सूद !

सोनू सूद की जलाई अलख से ,देश में इंसानियत का प्रसार !

सतपाल चावला ने ,अपने पैसे खर्च कर, मज़दूर को घर भिजवाया !

दिनांक -13 सितम्बर ,2020 . 
कुलदीप नगर,राजपुरा (पंजाब ). (मनोज बत्तरा द्वारा ). 

     कोरोना के वैश्विक -संकट के चलते ,मुंबई के प्रवासी मज़दूरों को ,अपने खर्च पर फिल्म -अभिनेता सोनू सूद ने ,उन्हें उनके घर तक पहुँचाने की, जो मुहिम शुरू की थी ,उसका असर देश के हिस्सों में भी देखने को मिल रहा है !या यूँ कहे कि सोनू सूद ने मानवता की मिसाल की जो अलख जलाई ,उससे लोगों में भी मानवता का प्रसार हुआ है !सचमुच, सोनू सूद द्वारा ,किये गए उच्च -स्तरीय,लोक -कल्याण के कार्यों के कारण ही ,वे देश के असली हीरो है !



     आज मानवता का एक साक्षात् किस्सा देखने को मिला !लगा एक और सोनू सूद सामने है !कुलदीप नगर निवासी ,राधा -स्वामी सतपाल चावला ने 30 रूपये टैम्पू का किराया खर्च करके ,एक बिहारी मज़दूर को ,पटियाला में ,उसके चाचा के घर पहुँचाया !
     दरअसल वह बिहारी इस समय ,गोरखपुर ,उत्तर प्रदेश से शाम के वक़्त राजपुरा पहुंचा था।रास्ते में उसके सारे पैसे खर्च हो गए थे !वह पटियाला का रास्ता पूछकर ,पैदल ही ,26 किलोमीटर दूर पटियाला जाने लगा तो सतपाल चावला की मानवता जाग गई ,उन्हें ये भी डर था कि देर रात वह ,पैदल पटियाला पहुंचेगा ,तो कर्फ्यु के कारण उसे पुलिस वाले भी ,तंग करेंगे !खैर ,उन्होंने 30 रूपये टैम्पू का किराया खर्च करके,उस बिहारी मज़दूर को पटियाला के लिए ,टैम्पू में रवाना कर दिया। 



     पेशे से स्वयं टैम्पू के वाहक ,सतपाल चावला मृदुभाषी ,मिलनसार और हँसमुख इंसान है !उनके मना करने के बावजूद ,इस समाचार को ,बड़ी खबर मानकर ,लोगों तक पहुँचाना ,'बर्बाद इंडिया 'अपना कर्तव्य  समझता है और अपनी शुभकामनाओं से उन्हें सम्मानित करता है !

    
चीफ एडिटर आचार्य मनोज बत्तरा


आश्चर्यजनक ! 7 साल का 'मकड़ी मानव 'हिंदुस्तान में ! 'स्पाइडर ब्वॉय ' के दीवारों पर चढ़ने-उतरने के पीछे ,पूर्व -जन्म व प्रबल इच्छा -शक्ति !@विचारक मनोज बत्रा-बर्बाद इंडिया / मनोज बत्रा (एडिटर)

आश्चर्यजनक !

7 साल का 'मकड़ी मानव 'हिंदुस्तान में !

'स्पाइडर ब्वॉय ' के दीवारों पर चढ़ने-उतरने के पीछे ,पूर्व -जन्म व प्रबल इच्छा -शक्ति !@विचारक मनोज बत्रा

दिनांक -13 सितम्बर ,2020 . 
कानपुर (उत्तर प्रदेश ). (मनोज बत्तरा द्वारा ).

     7 साल का बच्चा ,तीसरी कक्षा का छात्र, यदि स्पाइडर मैन की तरह ,झटपट दीवारों पर,बिना किसी सहारे के, बड़ी तेजी से ,चढ़ने -उतरने लगे ,तो इसे आप क्या कहेंगे ?कोई चमत्कार या कोई अनहोनी ?हमारे सामने भी जब ऐसे समाचार आते है ,तो हमारा मन भी आश्चर्य ,जिज्ञासा और कौतूहल से भर उठता है!



     मीडिया -ख़बरों के अनुसार,कानपुर निवासी यसार्थ सिंह नाम का बच्चा ,ये हैरत अंगेज कारनामा कर डालता है !लोग यसार्थ सिंह को प्यार से ,'स्पाइडर ब्वॉय 'के नाम से पुकारते है !यसार्थ की माता श्रीमति गरिमा सिंह का कहना है कि यसार्थ स्पाइडर मैन मूवी से प्रभावित था ,जिसके परिणाम-स्वरूप इसके मन में ,दीवारों पर चढ़ने -उतरने की इच्छा हुई !वह छिपकली की तरह अपने हाथ और पैर के पंजों को ,दीवार पर चिपका लेता है !इस तरह दीवारों पर चढ़ने -उतरने का अभ्यास ,उसे सफलता की ओर ले गया। पर हमें डर लगा रहता है कि उसे कहीं चोट न लग जाये !यसार्थ एक बड़ा अधिकारी बनकर ,देश की सेवा करना चाहता है।



     अब सवाल उठता है कि यसार्थ ये सब कैसे कर पाता है ,तो 'बर्बाद इंडिया 'ने इस प्रश्न का उत्तर खोजने की कोशिश की है !हमारी खोज के अनुसार ,बहुत से लोगों में पूर्व-जन्मों के संस्कार ,गुण आदि ,वर्तमान जन्म में भी ,थोड़े या ज्यादा आ सकते है !फिर सकारात्मक -शक्ति व प्रबल इच्छा -शक्ति भी ,ऐसे अजूबा कारनामों में अपनी भूमिका निभाती है !अब देखना ये भी होगा कि क्या बड़ा होने पर भी, यसार्थ ऐसे ही दीवारों पर चढ़-उतर पायेंगा !तो आप इन्तजार कीजिये ,'बर्बाद इंडिया 'पर ,भविष्य की इस न्यूज़ का !  

                         
चीफ एडिटर आचार्य मनोज बत्तरा


                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                         

9/12/20

आश्चर्यजनक ! सोनू सूद की जरूरत ,भारतीय ग्रास कला को ,रोजगार -अवसर हेतू ! बंद आँखों से ,सरकंडे की अद्भुत कलाकृतियां बनाते है ,अभिषेक चौहान !-बर्बाद इंडिया / मनोज बत्रा (एडिटर)

आश्चर्यजनक !

सोनू सूद की जरूरत ,भारतीय ग्रास कला को ,रोजगार -अवसर हेतू !

बंद आँखों से ,सरकंडे की अद्भुत कलाकृतियां बनाते है ,अभिषेक चौहान ! 

दिनांक -12 सितम्बर ,2020 . 
राजपुरा (पंजाब ). (मनोज बत्तरा द्वारा ). 

     अनादि काल से चली आ रही ,विरासती कला 'ग्रास आर्ट' के माहिर ,ग्रास आर्टिस्ट अभिषेक चौहान ,देश के प्रथम ऐसे कलाकार है ,जो आँखें बंद करके ,सरकंडे/घास  से,विभिन्न प्रकार की अद्भुत कलाकृतियां बना सकते है। 
     केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय और पंजाब सरकार द्वारा ,अभिषेक को उनकी इस अद्भुत कला हेतू सम्मानित भी किया जा चुका है। अभिषेक का कहना है कि ये विरासती कला ,आज अपनी पहचान खोती जा रही है ,यदि भारत के रियल हीरो और फिल्म कलाकार सोनू सूद ,इस कला के अम्बैसेडर बने ,तो विश्व -स्तर पर ,ग्रास कला की खासी पहचान बन सकती है !सरकंडे से फूल ,सजावटी सामान ,गहने ,धार्मिक -चिन्ह और राखियां आदि को भी तैयार किया जा सकता है ,इसलिए स्वदेशी रोजगार के अवसर को पैदा किया जा सकता है !प्रवासी मजदूरों हेतू रोजगार उत्पन्न करने की मुहिम चलाने वाले ,सोनू सूद की आवश्यकता ,आज देश की इस अद्भुत ग्रास कला को भी है !  


            
                                                                    अभिषेक के पुराने चित्र !
                                                        आँखें बंद और तैयार कलाकृति !
          
चीफ एडिटर आचार्य मनोज बत्तरा


                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                       

9/6/20

दुनिया के पास ,अब बचा यही रास्ता ! वैश्विक -शांति हेतू वैश्विक -उदारता और चीन के यू -टर्न की आवश्यकता ! @ मनोज बत्तरा -बर्बाद इंडिया / मनोज बत्रा (एडिटर)

सम्पादकीय- 

आचार्य मनोज बत्तरा के कीपैड से !



दुनिया के पास ,अब बचा यही रास्ता !

वैश्विक -शांति  हेतू वैश्विक -उदारता और चीन के यू -टर्न की आवश्यकता ! @ मनोज बत्तरा  

      "तिब्बत हमारी हथेली है ,तो लद्दाख ,नेपाल ,भूटान ,अरुणाचल  और सिक्किम हमारी अंगुलियाँ है !"-सन 1950 में ,दक्षिण एशिया के संदर्भ में,चीन के तत्कालीन शासन -प्रमुख माओत्से तुंग की इस सार्वजनिक टिप्पणी के आते ही ,भारत को सतर्क हो जाना चाहिए था,किन्तु तब हम राग अलापते रहे -"चीनी -हिंदी ,भाई- भाई !"और सन 1962 में चीन ने ,भारत पर आक्रमण कर ,उसका 37000 वर्ग किलोमीटर से अधिक का क्षेत्र,कब्जा लिया ,जिसे भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री श्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने ,संसद में भूमि का निर्जन टुकड़ा बताकर ,बात को 'आया राम ,गया राम' कर दिया था। इससे चीन की हिम्मत बढ़ी ,और उसने धीरे -धीरे ,लगातार भारतीय क्षेत्र पर ,बेखौफ अपना कब्ज़ा बढ़ाना जारी रखा और परिणाम-स्वरूप आज वाली स्थिति आ गई।



     आज वैश्विक कोरोना -संकट की जिम्मेदारी के, चीन व अमेरिका के बीच आरोप -प्रत्यारोप ,अत्यधिक मानवीय -हानि ,हर प्रकार के संकटों के माहौल में ,चीन को वैश्विक विरोध,बहिष्कार ,अविश्वास ,बदनामी और निर्यात पर टिकी चाइनीज अर्थव्यवस्था को बड़े -बड़े झटके सहन करने पड़ रहे है। चीन को घेरने और उस पर लगाम कसने हेतू ,चीन के खिलाफ वैश्विक -घेराबंदी को तेज किया जा रहा है !चीन के खिलाफ अमेरिका ,भारत -ऑस्ट्रेलिया -जापान संग 'नाटो' जैसा संगठन बनाने की तैयारी में है। पूर्व में ,1991 में अमेरिका ,तिब्बत की सरकार को मान्यता देकर, उसकी स्वतंत्रता का अनुमोदन कर चुका है। और सन 1960-61-65 में तीन बार, संयुक्त राष्ट्र संघ तिब्बतियों पर, चाइना के अमानवीय अत्याचारों की निंदा कर चुका है।



   
     निकट भविष्य में ,पूर्व में हुई भूलों में सुधार करते हुए ,भारत लेह में छोटे से कार्यालय में स्थित ,तिब्बत की निर्वासित सरकार और ताइवान को मान्यता देकर, फ्रांस ,ब्रिटेन,कनाडा,भूटान,ताइवान ,इंडोनेशिया ,अफगानिस्तान ,वियतनाम ,दक्षिणी कोरिया ,इजराइल आदि विश्व के देशों से ,इस मुद्दे पर समर्थन प्राप्त कर ,उनसे भी तिब्बत की निर्वासित सरकार और ताइवान को मान्यता दिलवा सकता है। ताइवान सरकार ने तो बिना मान्यता के भी ,भारत को सैन्य -सहायता देने को कहा है। ताजा घटना-क्रम में ,चीन के खिलाफ मोर्चाबंदी तेज करते हुए ,ताइवान ने उसके एक विमान को,अपने क्षेत्र में घुसने के कारण मार गिराया है।
     भारत द्वारा चीन के खिलाफ ,सन 1962 में गठित ,मेजर जनरल सुजान सिंह वाली,गुप्त फ़ोर्स 'स्पेशल फ्रंटियर फ़ोर्स 'को फिर से मोर्चा सँभालने हेतू तैयार किया गया है। दुश्मन को मुँह -तोड़ जवाब देने हेतू भारतीय सेना को ,महाघातक राफेल और इंगला एयर डिफेंस सिस्टम से भी सुसज्जित किया गया है।अभी हाल ही में,भारत ने हाइपरसोनिक  मिसाइल -तकनीक  का सफलतापूर्वक परीक्षण किया है। 



     भारत द्वारा चीनी -एप्स -प्रतिबंध ,चीन से आयातित माल पर ड्यूटी -वृद्धि और चीनी ठेकों को रद्द करने आदि से भी चीन बौखला गया है। ताजा घटना-क्रमानुसार ,500 चीनी-सैनिकों द्वारा ,पैंगोंग त्सो झील के दक्षिणी इलाके को कब्जाने की नाकाम कोशिश हुई। चीन अवैध कब्जों ,लगातार घुसपैठ आदि चालों से सीमा -विवाद को तनावपूर्ण बना रहा है और सैन्य व राजनयिक वार्ताओं को भी सिरे नहीं चढ़ा रहा है ।दोनों के बीच सीमा -विवाद समाप्त होने की संभावना ,दिनों-दिन नगण्य होती जा रही है।



      वर्तमान परिपेक्ष्य में , रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और विदेश सचिव हर्षवर्धन शृंगला के ये बयान महत्वपूर्ण मानें जा रहे है।

     मास्को में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन के एक सम्मेलन में ,रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि "क्षेत्रीय स्थायित्व ,शांति और सुरक्षा हेतू आक्रामकता ,एक -दूसरे के हितों के प्रति संवेदनशीलता ,मतभेदों का शांतिपूर्ण समाधान ,अंतर्राष्ट्रीय कानूनों का सम्मान,परस्पर विश्वास का माहौल प्रमुख पहलू है।" उन्होंने आगे अपने बयान में,आंतकवाद के खिलाफ संस्थागत क्षमता विकसित  करने और पारदर्शी व् समग्रता लिए, मर्यादित वैश्विक सुरक्षा ढांचे के विकास की वकालत की।




     भारत के विदेश सचिव हर्षवर्धन शृंगला ने भी ,चीन को चेतावनी दे दी ,कि "सीमा पर शांति होने तक ,हमारे व्यापारिक -सम्बन्ध ,सामान्य रूप से नहीं चल सकते। भारत अपनी क्षेत्रीय अखंडता व सम्प्रभुता की रक्षा हेतू दृढ़ता के साथ प्रतिबद्ध है और इस पर कायम रहेगा। "उन्होंने आगे कहा की कि संकट के कठिन पलों में ,भारत  चीन से सैन्य व राजनयिक स्तर पर ,सम्पर्क  व संवाद बनाये हुए है।




     चाइना से भी कुछ सवाल किये जा  सकते है कि आखिर इतने बड़े वैश्विक -विरोध को चाइना कैसे झेल पायेगा !विश्व -बिरादरी के बिना चाइना जी सकेगा ?क्या अपने करोड़ों लोगों का पेट भर पायेंगा ?क्या तिब्बत आदि देशों की सम्प्रभुता को भंग करने का नैतिक अधिकार चाइना के  पास था ?

     चाइना को इस बात का डर,आशंका और समझ भी होनी चाहिए कि आम जनता ,सरकार की कुटिल नीतियों का कभी साथ नहीं देती ,उसे तो अपने जीवन से मतलब होता है !अपने परिवार के जीवन को बचाने के लिए ,ये सरकार का प्रबल और हिंसक विरोध तक कर डालते है !वैश्विक-आक्रमण की स्थिति में चाइना में ,भविष्य में गृह-युद्ध के हालात पैदा हो सकते है।

     खोई हुई वैश्विक-साख व शक्तिशाली देश का पुनः रुतबा पाने के लिए ,सुरक्षा -परिषद की स्थाई सदस्यता-निलंबन टालने के लिए ,विभिन्न देशों से द्विपक्षीय -सम्बन्ध बेहतर बनाने के लिए ,अंतर्राष्ट्रीय- न्यायालय में लगने वाले संभावित केस को ,कमजोर और उदार करने के लिए ,आज चाइना को वर्तमान की वैश्विक -परिस्थितयों में ,अपने अहंकार ,हवस ,साम्राज्यवादी ,बाज़ारवादी ,भोगवादी ,मानवता विरोधी और कुदरत विरोधी (कोरोना -संकट ) नीतियों में सुधार लाकर , यू -टर्न लेना होगा।  अब शांति -दूत के रूप में चाइना को नई भूमिका निभानी चाहिए। शांति -दूत बनकर,चाइना विश्व -बिरादरी को विश्वास दिलायें कि भविष्य में वो ऐसा कोई कार्य नहीं करेगा ,जिससे वैश्विक -संकट उत्पन्न हो और विश्व के विभिन्न देशों के साथ ,उसके सम्बन्ध खराब हो !वर्तमान परिस्थितियों में ,चाइना के पास उक्त उद्देश्यों को पाने के लिए,उक्त रास्ते के अलावा कोई चारा नहीं है। बस, उसे कुछ तकलीफ दायक त्याग करने होंगे !युद्ध से वह कभी भी इन उद्देश्यों की पूर्ति सुनिश्चित नहीं कर पायेंगा।




      वैश्विक -शांति-प्रयासों में पहल के तौर पर ,चाइना प्रभावित देशों की सम्प्रभुता बहाल करें और तिब्बत की जमीन से भी अपने पैर पीछे हटाकर ,तिब्बत को स्वतंत्र राष्ट्र घोषित करें।सन 1962 के समय, भारत का 37000 वर्ग किलोमीटर एरिया चाइना ने कब्जा लिया था ,वह भी लौटा दें।ऐसा करने से भारत की विदेश -नीति  /तटस्थता की नीति प्रभावित नहीं होगी।




     अन्तर्राष्ट्रीय मीडिया के सामने ,चाइना ये भी कह दे ,कि पाकिस्तान को आतंकवाद को प्रायोजित करना बंद करना होगा और कश्मीर-राग अलापना बंद करके, भारत से अपने रिश्तें सुधारने होंगें !ऐसे पाकिस्तान ,चाइना से डरकर ,भारत को परेशान करना बंद कर देगा !वैश्विक -शान्ति -प्रयासों में फिर चाइना की भी तारीफ़ होगी !

     चूँकि हर देश सैद्धांतिक रूप से आत्म -निर्भर होना चाहिए ,इसलिए चाइना के अनावश्यक निर्यात को नियंत्रित करने का,चाइना द्वारा विश्व को आश्वासन देना होगा।




     कोरोना -संकट से जूझ रहे ,विश्व के विभिन्न देशों और विश्व -स्वास्थ्य -संगठन को,और अधिक आर्थिक सहायता चाइना को देनी होगी।

     आज आवश्यकता है ,वर्तमान की वैश्विक -परिस्थितयों में ,वैश्विक -शांति के प्रयासों में ,वैश्विक -उदारता,सकारात्मक सोच और विश्व के लिए सद्बुद्धि और सदभावना की !रक्त -रंजित,भीषण संभावित तीसरे विश्व -युद्ध की विभीषिका से समस्त विश्व को बचाने ,सामान्य अवस्था में लाने और सुगमता से विकास की ऒर अग्रसर करने हेतू विश्व-बिरादरी को पिछला सब-कुछ भुलाना होगा।मजबूर विश्व के पास भी ,इसके अलावा कोई चारा नहीं है।

    निष्कर्षतः चाइना को जिद्द छोड़नी होगी। अपनी विस्तारवादी नीतियों पर अंकुश लगाना होगा। बच्चें कम पैदा करने होंगें या बच्चों की पैदाइश पर ,कुछ समय प्रतिबंध लगाना होगा। ताकि दूसरे की जमीन हड़पने की जरूरत ही न पड़े ! निर्वासित जीवन की कठिनाइयों और असीम दर्द -वेदना को समझना होगा। चाइना को ये भी समझना होगा कि वैश्विक -शांति में ही चाइना और विश्व का चंहुमुखी विकास संभव है !

  चाइना चूँकि महान शक्तिशाली है,जो चाहे फैसला लें। दुनिया को बर्बाद या आबाद करना ,अब चाइना के हाथ में है !अब देखना होगा, कि चालबाज समझे जाने वाला चीन, दुनिया को किस और धकेलता है !अब ईश्वर ही ,चाइना में विश्व हेतु सद्बुद्धि और सदभावना भर पाएं -ऐसी कामना है !




-मनोज बत्तरा



(लेखक स्वतंत्र पत्रकार और 'बर्बाद  इंडिया न्यूज़' के मुख्य  संपादक  है!)



crownmanojbatra@gmail.com




चीफ एडिटर आचार्य मनोज बत्तरा